आखे ऐसी के गेहरी ताल
मोहिनी सुरत लंबे बाल
चले है ऐसे हिरन कि चाल
गोरे गोरे गुलाबी गाल
जो भी देखे केहने लगे
उफ ये कमाल है बा कमाल
काल सिंहासनी सुचली.